मक्का में उमड़ा आस्था का सैलाब, हज यात्रा आधिकारिक तौर पर शुरू
महाराष्ट्र वाणी वृत्तविषेश
इस्लाम के पांच अहम स्तंभों में शामिल पवित्र हज यात्रा की आधिकारिक शुरुआत हो चुकी है। सऊदी अरब के अधिकारियों के अनुसार अब तक 15 लाख से अधिक विदेशी श्रद्धालु मक्का पहुंच चुके हैं। दुनिया भर से आए मुस्लिम श्रद्धालु इस खास इबादत में शामिल होकर अपने जीवन की सबसे बड़ी धार्मिक जिम्मेदारी पूरी करने पहुंचे हैं।
इस वर्ष हज ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव, सुरक्षा चिंताएं और ईरान से जुड़ी अनिश्चितताएं लगातार चर्चा में हैं। बावजूद इसके लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है।
हज के पहले दिन बड़ी संख्या में जायरीन मक्का से मीना की विशाल टेंट सिटी की ओर रवाना हुए। वहीं कई श्रद्धालु मस्जिद अल हरम में काबा शरीफ का तवाफ करते नजर आए। तेज गर्मी और बढ़ते तापमान के चलते लोग छतरियों, हैंड फैन और पानी की बोतलों का सहारा लेते दिखाई दिए। विभिन्न स्थानों पर स्वयंसेवक श्रद्धालुओं को पानी और राहत सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं।
मंगलवार को अराफात का दिन मनाया जाएगा, जिसे हज का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। इस दिन लाखों श्रद्धालु एक साथ इकट्ठा होकर दुआ, इबादत और गुनाहों की माफी मांगेंगे। कई लोग अपने परिवार और करीबियों की सलामती और खुशहाली की दुआ लेकर पहुंचे हैं।
दूसरी ओर क्षेत्रीय तनाव और तेल कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कई देशों में हज यात्रा का खर्च भी बढ़ा है। भारत, इंडोनेशिया समेत कई देशों ने यात्रियों की सुरक्षा और अतिरिक्त खर्च को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की हैं।
हज को दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समागम माना जाता है, जहां अलग-अलग देशों, भाषाओं और संस्कृतियों से आए मुस्लिम श्रद्धालु एक साथ इबादत कर मानवता, भाईचारे और एकता का संदेश देते हैं।
“आस्था की इस भीड़ में दुनिया एक नजर आती है, जहां सिर्फ इंसानियत और इबादत सबसे बड़ी पहचान बन जाती है।”